अन्ना के सहयोगी कुमार विश्वास ने जंतर मंतर पर धरना को संबोधित करते हुए कहा कि एक चुटकुला सुनाया। उन्होने कहा कि दिल्ली के चांदनी चौक में वो तोता खरीदने गए। दुकानदार ने कहा एक तोते का दाम 10 हजार बताया और कहा कि इसे पूरा गीता याद है। दूसरे तोते की कीमत 20 हजार बताई और कहा कि इसे गीता और कुरान दोनों याद है। तीसरे तोते की कीमत 30 हजार बताया और कहा कि इसे गीता, कुरान और बाईबिल तीनों याद है।
लेकिन एक तोता इनमें से बिल्कुल अलग था उसकी कीमत दुकानदार ने एक लाख बताया। जब दुकानदार से पूछा गया कि इस तोते की कीमत एक लाख है, आखिर इसकी खासियत क्या है ? इसे क्या क्या याद है ? दुकानदार ने कहा कि ये जानता तो कुछ भी नहीं है, लेकिन तीनों तोते इसे अपना बास कहते हैं। इस चुटकुले पर खूब ताली बजी। यहां तक की मीडिया के लोगों ने भी ताली ठोंकी।
अब जानकार लोगों में बहस शुरू हो गई कि आखिर कुमार विश्वास किसकी ओर इशारा कर रहे हैं ? एक ने कहा कि मुझे लगता है कि कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी की ओर इशारा किया जा रहा है, लेकिन सामने से जवाब मिला कि ना ना राहुल गांधी तो फिर भी पढ़ा लिखा है और राजनीति को समझने की कोशिश में ही वो गांव-गांव जा रहे हैं। इसलिए ये बात उनके लिए नहीं हो सकती।
फिर विश्वास ने ये बात किसके लिए कही होगी ? सामने जवाब दिया गया कि उन्होंने निश्चित रूप से ये बात अन्ना के लिए की होगी, क्योंकि उनके आसपास जो लोग हैं वो कुछ ना कुछ जानते है, अन्ना ही कम पढ़े लिखें है और सबसे कम जानते हैं। लेकिन उनकी टीम में शामिल पूर्व मंत्री, जाने माने वकील, पूर्व आईपीएस और पूर्व आईआरएस जैसे लोग अन्ना को अपना बास कहते हैं।
कुमार विश्वास देश के लोगों के दिलों पर राज करते हैं अपने गीतों के जरिए। वो अध्यापक भी हैं, लेकिन जब इस तरह की बात करते हैं तो उनकी छवि रामलीला के जोकर जैसी हो जाती है, जिसका काम हर आधे घंटे बाद मंच पर आकर जनता का मनोरंजन करना होता है।
